यूपी पावर कॉरपोरेशन निविदा एवं संविदा कर्मचारी संघ ने मंगलवार को अपनी मांगों के संबंध में शक्ति भवन पर धरना-प्रदर्शन किया। आरोप है कि प्रबंधन अपने ही आदेशों का उल्लंघन कर हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को हटा रहा है।
जानिए संघ के प्रदेश महामंत्री ने क्या आरोप लगाए
संघ के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि कॉरपोरेशन हटाए गए कर्मचारियों की बहाली 18000 रुपये न्यूनतम वेतन निर्धारण, कैशलेस उपचार, ईपीएफ घोटाले की जांच, बकाया वेतन भुगतान और श्रम कानूनों के अनुपालन जैसे मुद्दों पर कार्रवाई नहीं कर रहा है। संघ नवगठित आउटसोर्स सेवा निगम में कर्मचारियों को शामिल किए जाने का भी विरोध कर रहा है। दिन में करीब 2 बजे संगठन पदाधिकारियों और कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक के बीच वार्ता हुई, लेकिन इसमें कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन जारी रखने की बात कही।
जेई संगठन ने की कार्रवाई खत्म करने की मांग
वहीं, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इजिनियर्स संगठन ने वर्ष-2023 के आंदोलन से जुड़े जूनियर इंजिनियरों और अन्य विद्युतकर्मियों के विरुद्ध की गई सभी दंडात्मक और उत्पीड़नात्मक कार्रवाई को तत्काल समाप्त करने की मांग की है।






