शिक्षा और खेल के समन्वय से विकसित भारत का निर्माण संभव : विधायक संजीव शर्मा

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केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं सम्मान के 12 वर्ष पूर्ण होने पर शिक्षा एवं खेल संवाद संगोष्ठी का आयोजन

गाजियाबाद। केंद्र सरकार के सेवा, सुशासन एवं सम्मान के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में “शिक्षा एवं खेल संवाद संगोष्ठी” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा एवं खेल के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षकों, खिलाड़ियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता कर महत्वपूर्ण विचार साझा किए।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गाजियाबाद विधायक श्री संजीव शर्मा ने संगोष्ठी में वक्ताओं द्वारा प्रस्तुत विचारों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि शिक्षा विकसित समाज की आधारशिला है। वर्तमान समय में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, निपुण अभियान, नई शिक्षा नीति, डिजिटलीकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा शिक्षकों के सतत प्रशिक्षण जैसे प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और खेल एक-दूसरे के पूरक हैं। जिस प्रकार शिक्षा में खेल का समावेश आवश्यक है, उसी प्रकार खेलों में शिक्षा का महत्व भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अद्भुत समन्वय युवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आज गाजियाबाद को विकास, समृद्धि और प्रगतिशील सोच के लिए सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।
सह विद्यालय निरीक्षक श्री सतीश पांडे ने विकसित भारत एवं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए सभी शिक्षकों को अपने दायित्वों के प्रति प्रेरित किया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री ओ.पी. यादव ने स्वागत संबोधन में उपस्थित अतिथियों एवं प्रबुद्ध जनों का स्वागत करते हुए संगोष्ठी में हुए विचार-विमर्श को अपने कार्य एवं व्यवहार में अपनाने का आह्वान किया।
शिक्षा एवं शिक्षक प्रशिक्षण के क्षेत्र में लगभग 40 वर्षों तक योगदान देने वाली तथा दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर रेखा अग्रवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा शिक्षा के माध्यम से समाज में होने वाले सकारात्मक परिवर्तनों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
खेल विशेषज्ञ डॉ. रिचा सूद ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से खेलों के विभिन्न आयामों पर चर्चा की। उन्होंने सुझाव दिया कि जिस प्रकार “एक जनपद-एक उत्पाद” योजना संचालित है, उसी प्रकार “एक जनपद-एक खेल” की अवधारणा को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की श्रीमती तनुजा शर्मा ने आंकड़ों के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हो रही निरंतर प्रगति एवं उपलब्धियों को प्रस्तुत किया।
बेसिक शिक्षा विभाग के एकेडमिक रिसोर्स पर्सन श्री नीरज खटाना ने निपुण भारत मिशन तथा परिषदीय विद्यालयों में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं शैक्षिक सुधारों की जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन एसआरजी श्रीमती पूनम शर्मा ने किया। उन्होंने संगोष्ठी को संवादात्मक बनाते हुए उपस्थित सभी प्रतिभागियों को चर्चा एवं विचार-विमर्श में सक्रिय रूप से सम्मिलित किया। “प्राचीन शिक्षा पद्धति एवं नवीन शिक्षा प्रणाली” विषय पर भी प्रतिभागियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
अंत में जिला समन्वयक (माध्यमिक शिक्षा) श्री पवन कुमार भाटी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संगोष्ठी अपने उच्च स्तरीय एवं गुणवत्तापूर्ण विचार-विमर्श के कारण लंबे समय तक स्मरणीय रहेगी।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक रुचि त्यागी, सिंपल चौधरी, राजकीय इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षकगण, बेसिक शिक्षा विभाग के सभी एसआरजी, एआरपी, जेंडर नोडल अधिकारी तथा खेल विभाग के फुटबॉल खिलाड़ी एवं उनके प्रशिक्षक उपस्थित रहे।

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