मुरादनगर में हजारों उपभोक्ता अंधेरे में, भीषण उमस के बीच पेयजल संकट भी गहराया, मरम्मत में जुटा बिजली विभाग

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मुरादनगर। मानसून की पहली ही बारिश ने बिजली विभाग की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। मुरादनगर डिवीजन के अंतर्गत 33/11 केवी भारत उद्योग गोयल इस्पात विद्युत उपकेंद्र से संचालित 33 केवी लाइन में तकनीकी खराबी आने के कारण पिछले लगभग 12 घंटे से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित है। बिजली गुल होने से क्षेत्र के हजारों घरों, दुकानों और छोटे उद्योगों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भीषण उमस और गर्मी के बीच लोग पूरी रात और दिन बिजली का इंतजार करते रहे, लेकिन समाचार लिखे जाने तक आपूर्ति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी थी।

जानकारी के अनुसार, बारिश के दौरान 33 केवी लाइन में अचानक ब्रेकडाउन होने के बाद पूरे क्षेत्र की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई। बिजली विभाग की तकनीकी टीमें रात से ही फॉल्ट का पता लगाने और उसे ठीक करने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि लाइन में आई तकनीकी खराबी को दूर करने का कार्य लगातार जारी है और आपूर्ति जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, खराबी अपेक्षा से अधिक गंभीर होने के कारण मरम्मत कार्य में काफी समय लग रहा है। कुछ स्थानीय सूत्रों का कहना है कि बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य होने में अभी लगभग 12 घंटे और लग सकते हैं। हालांकि इस समय-सीमा की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है तथा बिजली विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

बिजली के साथ पानी का भी संकट

लगातार बिजली गुल रहने से कई इलाकों में पेयजल की समस्या भी खड़ी हो गई है। अधिकांश घरों में पानी की टंकियां खाली हो चुकी हैं क्योंकि मोटरें नहीं चल पा रहीं। इनवर्टर भी लंबे समय तक बिजली न मिलने के कारण जवाब देने लगे हैं। छोटे व्यापारी, दुकानदार और औद्योगिक इकाइयों का कामकाज भी प्रभावित हुआ है, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है।

हर बारिश में क्यों दोहराई जाती है यही कहानी?

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही बिजली लाइनों में फॉल्ट और लंबे बिजली कटौती की समस्या आम हो जाती है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि यदि मानसून से पहले लाइनों का प्रभावी निरीक्षण, रखरखाव और कमजोर उपकरणों को बदला जाए तो इस तरह की स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता है। लोगों का कहना है कि पहली ही बारिश में व्यवस्था का चरमराना विभागीय तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।

उपभोक्ताओं ने उठाई जवाबदेही तय करने की मांग

क्षेत्रवासियों ने बिजली विभाग से फॉल्ट को युद्धस्तर पर ठीक कर जल्द से जल्द नियमित विद्युत आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने मानसून के दौरान बार-बार होने वाले ब्रेकडाउन की समीक्षा कर स्थायी समाधान निकालने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की है।

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