एस.डी.जी.आई. ग्लोबल विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह भव्यता के साथ संपन्न

Share This Article

एस.डी.जी.आई. ग्लोबल विश्वविद्यालय में हुआ प्रथम दीक्षांत समारोह का सफल आयोजन

एस.डी.जी.आई. ग्लोबल विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह मंगलवार को बेहद भव्य और यादगार माहौल में संपन्न हुआ। पूरे परिसर में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। पारंपरिक अकादमिक परिधान में सजे छात्र-छात्राओं के चेहरों पर सफलता की चमक साफ नजर आ रही थी।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मिजोरम के महामहिम माननीय राज्यपाल जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में साउथ एशियन विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) के. के. अग्रवाल शामिल हुए। इसके अलावा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री महेन्द्र अग्रवाल, प्रति-कुलाधिपति श्री नितिन अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री अखिल अग्रवाल, बोर्ड सदस्य श्री राजीव अग्रवाल, प्रति-कुलाधिपति (प्रशासन) श्री पीयूष श्रीवास्तव, प्रति कुलाधिपति (शैक्षणिक) श्री विमल कुमार शर्मा, कुलपति प्रो० (डा०) प्रसेनजीत कुमार कुलसचिव डा0 राजीव रतन, सभी निदेशकगण, शिक्षकगण, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी समारोह में मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत शैक्षणिक शोभायात्रा से हुई। इसके बाद दीप प्रज्वलन और राष्ट्रीय गीत के साथ समारोह को औपचारिक रूप दिया गया। मंच पर मौजूद अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रसेनजीत कुमार ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और छात्रों की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि एस.डी.जी.आई. ग्लोबल विश्वविद्यालय लगातार शिक्षा, रिसर्च और नवाचार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही है।

कुलाधिपति श्री महेन्द्र अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि मेहनत, संघर्ष और सपनों की जीत का प्रतीक है। उन्होंने छात्रों को जीवन में ईनानदारी, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

मुख्य अतिथि जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल करियर बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की ताकत भी है। विशिष्ट अतिथि प्रो. (डॉ.) के. के. अग्रवाल ने विद्यार्थियों को लगातार सीखते रहने और बदलती दुनिया

के साथ खुद को तैयार रखने की सलाह दी तथा विश्वविद्यालय के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं के पास देश और दुनिया को नई दिशा देने की क्षमता है। समारोह का सबसे खास पल वह रहा जब मेधावी विद्यार्थियों को मेडल देकर सम्मानित किया गया। मंच पर जैसे ही छात्रों के नाम पुकारे गए, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों को डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने शपथ भी ली कि वे अपने ज्ञान और शिक्षा का उपयोग समाज और देश की प्रगति के लिए करेंगे। दीक्षांत समारोह में सुश्री मृणालिनी सिहं तथा सी.ए. प्रदीप सुरिन्द्र साहनी को समाज में उनके योगदान के लिए मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।

अंत में कुलसचिव डा0 राजीव रतन द्वारा मौजूद सभी अत्तथिगणों, शिक्षकों, छात्रों तथा उनके अभिभावकों का धन्यवाद ज्ञापन दिया गया और राष्ट्रीय गान के साथ समारोह का समापन हुआ। दीक्षांत समारोह के बाद विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों, दोस्तों और परिवार के साथ तस्वीरें खिंचवाई और इस खास दिन को यादगार बनाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like these