देशभर में एक बार फिर महंगाई ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर निवेश तक हर चीज के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। दूध की कीमतों में इजाफा, सोने का रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचना और पेट्रोल-डीजल व CNG की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बढ़ती महंगाई का सीधा असर अब हर घर की रसोई, जेब और बचत पर दिखाई देने लगा है।
14 मई से कई बड़ी दूध कंपनियों ने दूध के दाम में करीब 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है। कंपनियों का कहना है कि पशुओं के चारे की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, ट्रांसपोर्ट खर्च और उत्पादन लागत बढ़ने के कारण यह फैसला लेना पड़ा। दूध महंगा होने से चाय, दही, घी, पनीर और मिठाइयों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है। गृहिणियों का कहना है कि पहले से ही बढ़ी रसोई गैस और सब्जियों की कीमतों के बीच अब दूध महंगा होना घरेलू बजट को और बिगाड़ देगा।
वहीं सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। वैश्विक बाजार में तनाव, डॉलर की मजबूती और आयात शुल्क बढ़ने के कारण 24 कैरेट सोना करीब 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया है। शादी-ब्याह के सीजन में सोने की बढ़ती कीमतों ने लोगों की खरीदारी पर बड़ा असर डाला है। कई परिवार अब कम मात्रा में सोना खरीदने या खरीदारी टालने को मजबूर हैं। ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि लगातार बढ़ते दामों के कारण बाजार में ग्राहकों की संख्या भी प्रभावित हो रही है।
इसके अलावा पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में भी आने वाले दिनों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और तेल कंपनियों पर बढ़ते लागत दबाव को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। अगर ईंधन के दाम बढ़ते हैं तो इसका असर सीधे ट्रांसपोर्ट पर पड़ेगा, जिससे फल, सब्जियां, राशन और अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं। यानी आने वाले दिनों में महंगाई की मार और तेज हो सकती है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि दूध, ईंधन और सोने की बढ़ती कीमतें देश में महंगाई दर को और ऊपर ले जा सकती हैं। सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर पड़ेगा, जिनकी आय पहले से सीमित है। लोगों का कहना है कि कमाई जितनी बढ़ रही है, उससे कहीं ज्यादा तेजी से खर्च बढ़ता जा रहा है।
बढ़ती महंगाई के बीच आम आदमी अब सरकार से राहत की उम्मीद कर रहा है। लोगों की मांग है कि जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण किया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके। फिलहाल हालात ऐसे हैं कि महंगाई ने हर घर की चिंता बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में हालात और मुश्किल होने की आशंका जताई जा रही है।






